चाँद के बारे मे रोचक तथ्य, चाँद के बारे मे बहुत कुछ, चाँद कैसे बना,चाँद कब बना, चाँद क्या होता है, सबसे पहले चाँद पर कोन गया था, amazing facts about moon you should know.
चाँद हमारी धरती का एकलौता कुदरती उपग्रह है। वैज्ञानिकों का मानना है की, आज से 450 करोड़ साल पहले थैया नामक उल्का धरती से टकराया। और धरती का कुछ हिस्सा टूटकर अलग हो गया। जो कि चाँद बना।
उस समय धरती द्रव रूप में थी।
चाँद 27.3 दिनों में धरती का एक चक्कर पूरा करता है। और धरती के समुद्र पर आने वाले ज्वार और भाटे के लिए जिम्मेदार है। अब तक सिर्फ बारह मनुष्य चाँद पर गए हैं। पिछले इकतालीस साल से चाँद पर कोई आदमी नहीं गया। चाँद धरती के आकार का सिर्फ सत्ताईस प्रतिशत हिस्सा है। चाँद का वजन लगभग 81 अरब टन है। पूरा चाँद आँधे चाँद के नौ गुना ज्यादा चमकदार होता है। अगर चाँद गायब हो जाएं तो धरती पर का दिन केवल छह घंटे का रह जाएगा।
जब अंतरिक्ष हर एलन सॅपर्ड चाँद पर गए थे, तब उन्होंने एक गोल्फ बॉल को हिट किया था। जो कि तकरीबन आठ सौ मीटर तक गयी। अगर आपका वजन धरती पर साठ किलो है, तो चाँद कम gravity की वजह से चाँद पर आपका वजन दस किलो होगा। जब अपोलो अंतरिक्ष यान चाँद से वापस आये तब कुल मिलाकर दो सौ छियानवे चट्टानों के टुकड़े को लेकर आए जिसका वजन तीन सौ बयासी किलो था।
चाँद का सिर्फ साठ प्रतिशत हिस्सा ही धरती से दिखता है। चाँद धरती के इर्द गिर्द घूमते समय अपना सिर्फ एक हिस्सा ही धरती की तरफ रखता है। इसलिए चाँद का दूसरा पासा आज तक धरती से किसी मनुष्य ने नहीं देखा। परंतु चाँद के दूसरे हिस्से की तस्वीर ली जा चुकी है।
नील आर्मस्ट्रांग ने चाँद पर जब अपना पहला कदम रखा तो उसके जो निशान चाँद की जमीन पर बना वह अब तक है। अगले कुछ सालों तक ऐसा ही रहेगा। क्योंकि चाँद पर हवा नहीं है। जो इसे मिटा दें। नील आर्मस्ट्रॉन्ग जब पहली बार चाँद पर गए तब उनके पास राइट ब्रदर्स की पहले हवाई जहाज का एक टुकड़ा था।
क्या आपको पता है कि उन्नीस सौ पचास के दशक के दौरान अमेरिका ने परमाणु बम से चाँद को उड़ाने की योजना बनाई थी। सौरमंडल के एक सौ इक्यासी उपग्रहों में चाँद का आकार पांचवें नंबर पर हैं। चाँद पर मनुष्य द्वारा छोड़े गए छियानवे बैग एसे है जिन में चाँद पर जाने वाले अंतरिक्ष यात्रियों का मलमूत्र और उल्टी है। धरती पर अगर चंद्र ग्रहण लगा है तो चाँद पर सूर्य ग्रहण होगा। अमरीकी सरकार ने चाँद पर आदमी भेजने और ओसामा बिन लादेन को ढूंढने में बराबर टाइम और पैसा खर्च किया है।
चाँद पर पानी भारत की खोज है। भारत के पहले भी कई वैज्ञानिकों का मानना था कि चाँद पर पानी होगा। परंतु किसी ने खोजा नहीं। अगर आप अपने इंटरनेट की स्पीड से खुश नहीं है, तो चाँद पर जा सकते हैं। जी हाँ नासा वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाते हुए चाँद पर वाईफ़ाई कनेक्शन की सुविधा उपलब्ध करवाई है। जिसकी स्पीड है 19 mbps. जो बेहद हैंरतंगेज है। चाँद के दिन का तापमान एक सौ अस्सी डिग्री सेल्सियस तक पहुँच जाता है। जब कि रात का माइनस एक सौ तिरपन डिग्री सेल्सियस।
दोस्तों ये थी चाँद से जुड़ी बहुत सारी रोचक बातें।
-Gyansanhita.com





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